अविपत्तिकर चूर्ण है लाभकारी :-
अविपत्तिकर चूर्ण आयुर्वेद की प्राचीन सँहिताओं में लिखा गया एक बहुत ही अनुपम औषध योग है जो विशेष रूप से पित्त के शमन के लिए तथा उसके कारण होने वाले पाचन विकारों जैसे कि पेट में जलन और कब्ज को दूर करने में बहुत अच्छा लाभ देता है। आंवला हरड बहेड़ा निशोथ तेजपत्ता लौंग मिश्री आदि जड़ी बूटियों के एक फिक्स अनुपात को लेकर यह चूर्ण तैयार किया जाता है। इस चूर्ण के सेवन से पेट में ठण्डक होती है तथा यह चूर्ण बढ़े हुए पित्त को प्रभावी रूप से कम करता है। यह अविपत्तिकर चूर्ण ऐसे रोगियों को विशेष फायदा देता है जिनके गले में पित्त के कारण खराश होने लगी है साथ ही यह ताजे पानी के साथ सेवन करने से एसीडिटी को भी दूर करता है। यह चूर्ण कब्ज को भी दूर करता है जो कि पित्त के रोगी के लिए अच्छा रहता है क्योंकि मल के साथ पित्त का भी रेचन हो जाता है अर्थात शरीर बाहर निकल जाता है। इस चूर्ण की मात्रा एक समय में 3 से 5 ग्राम तक रहती है । चूंकि इसके अन्दर मिश्री भी मिलाई जाती है अतः शुगर के रोगियों को इसका सेवन नही करना चाहिये । खट्टी डकार की समस्या के समाधान की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर कीजिये। आपके एक शेयर से ही अच्छी और सही जानकारी किसी जरूरतमन्द तक पहुँच सकती है और हमको भी आपके लिए और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है। इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हों तो कृपया कमेन्ट के माध्यम से हमको सूचित जरूर करें। Youtube पर हमें सब्स्क्राब करें :- Prakashit Ayurved MeerutInstagram पर हमें फॉलो करें :- Prakashit Ayurved
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